यूक्रेन और रूस ३० साल पहले एक देश थे , यूक्रेन पर रूस क्यों हमला किया जाने पूरा विस्तार से
यूक्रेन के एक शहर पर रूस का कब्ज़ा हो गया है ,लेकिन कितनी देर तक यूक्रेन रूस का मुकाबला करता रहेगा।
30 साल पहले रूस और उक्रैन सोवियत संघ एक देश हुआ करते थे 1991 में यूक्रेन सोबियत संघ से अलग हो गया।
इसके साथ ही और 14 देश सोबियत संघ से अलग हुए ,लेकिन उक्रैन सबसे बड़ा देश अलग हुआ एवं बाकि देश लगभग डायरेक्ट रूस से बॉर्डर नहीं जोड़ते है ये भी एक कारण है तथा बेलारूस को छोड़ कर बाकि देश युरोपियन यूनियन का हिस्सा बन गए लेकिन यूक्रेन अब बनना चाहता है जो की रूस को बर्दास्त नहीं हो रहा है। रूस को दर है की यूक्रेन के यूरोपियन यूनियन में शामिल होने से रूस को खतरा हो सकता है।
इसके साथ ही रूस को चीन का सपोर्ट भी मिल रहा है जो की अमेरिका का दुश्मन है ,और बाकि कुछेक इस्लामिक कंट्री भी रूस को इसलिए सपोर्ट कर रहे है क्यूंकि अमेरिका कभी न कभी उन देश पर हमला कर चूका है , जिन देशो पर अमेरिका हमला कर चूका है वे सभी देश यूक्रेन पर हमला अमेरिका से जोड़ कर देख रहे है।
यूक्रेन पर हमले में भारत का कोई स्टैंड नहीं दिख रहा है इसके पीछे मूल कारण दो है पहला रूस भारत का पुराना मित्र देश है|
1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में अमेरिका ने पाकिस्तान का साथ साथ दिया था तब रूस ने अपना समुद्री बेडा भेज कर भारत की मदद की थी। एक और कारण ये भी है की अगर भारत रूस का बिरोध करेगा तो जब चीन के साथ जब युद्ध सुरु होगा रूस चीन का साथ ले सकता है। और आज के डेट में रूस के पास अमेरिका से ज्यादा परमाणु बम्ब है।
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